Wednesday, March 30, 2011

जीतो इंडिया जीतो !!!!

मोहाली के मैच में फिर से किया कमाल
हाँ टीम इंडिया अब मचा रही है धमाल
मचा रही है धमाल अच्छे अच्छो को फोड़ा .
ऑस्ट्रेलिया हो या पाकिस्तान हर एक को निचोड़ा .

वह हो रहा मैच और शोर यहाँ है हो रहा
क्रिकेट का देवता सचिन हर बोलर को है धो रहा
यूँ तो सुपर सहवाग भी है नहीं कुछ कम 
ठोका उसने गुल को इतना की हो रहा है उसको गम

धोनी की टीम अब गाड़ चुकी मोहाली में झंडा
और अब मुंबई में यही होगा उसका हथकंडा
आंधी तूफ़ान आ  जायेंगे जब भिड़ेंगे दो एशियाई शेर 
पर है यही दुआ की भारत के सामने श्री लंका हो जाये ढेर .


Thursday, March 24, 2011

उनकी गलियों से जब हम

उनकी गलियों से जब  हम निकलते थे 
तो लोग कई  मुझे घूरा  करते थे .
और फिर वो झरोके से निकलकर ,
हमारी ख्वाहिसों  को खुद पूरा करते थे 
उनकी गलियों से जब हम निकलते थे .
उनकी गलियों में जब हम निकलते थे ,
तो लोग कई यूँ  ही जलते थे.
और जब मेरी आंखे उनके नैनो से मिलती थी
तो ख्वाब दिल में कई ख्वाब  पलते थे
उनकी गलियों में जब हम चलते थे
उनकी गलियों से जब हम निकलते थे
दुश्मन बनते नए और पुराने मिलते थे
पर छाँव में उनके घर  की  यारों
दिल में बागीचे खिलते थे
उनकी गलियों से जब हम निकलते थे 
हम भी काफिर और नालायक थे
दिनभर उनकी गलियों में घुमा करते थे
और हवा जब जोरों से चलती थी 
तब उनकी खुश्बुओ को चूमा करते थे
उनकी गलियों में तब हम झुमा करते थे
उनकी गलियों  से जब हम निकलते थे
हम उन्हें पाने  को हर  कदम तरसते थे
और उनकी अंगडाइयां को देखकर  ही
मेरे प्रेम के बादल बरसते थे
उनकी गलिओं से जब हम निकलते थे
उनकी गलियों  में  जब  हम  चलते  थे .



Tuesday, March 15, 2011

यहाँ पैसा ही चलता है ..

बचपन से सुनता आया था और अब में अनुभव करता हूँ ,
अपने सारे कामो की खातिर मैं हरे नोट जो भरता हूँ .
हर नुक्कड़, हर गली मोहल्ले में ईमान धुआं होकर जलता है,
मेरे साथी मेरे भाई यहाँ तो सिर्फ पैसा ही चलता है.
 
ये गाँधी का देश है प्यारे , गाँधी के ही नोट चले ,
यहाँ तो पैसे के बल पर भी,बेलेट में है वोट ड़लें.
भ्रष्टाचार के पैसो से यहाँ बच्चा बच्चा पलता है,
मेरे साथी मेरे भाई यहाँ तो सिर्फ पैसा ही चलता है.

यहाँ नकद नारायण के वजन से मामला आगे बढे,
कोई काम करने से पहले भ्रष्टों को ही भेंट चढ़े .
रिज़र्व बैंक की मोहर देखकर सबका दिल फिसलता है,
मेरे साथी मेरे भाई यहाँ तो सिर्फ पैसा ही चलता है.

इधर आगे वही बढेगा जो खाता और खिलाता है,
और अपनों  का गला घौन्टकर औरो से हाथ मिलाता है.
यहाँ रिश्वत देते देते आम आदमी जलता है,
मेरे साथी मेरे भाई यहाँ तो सिर्फ पैसा ही चलता है.

 

Monday, February 7, 2011

कुंवारा काव्य


सुना बहुत  था वहा  चलती है मुहब्बतों की गोलिया .
गए वहा तो खड़ी मिली थी आशिकों  की टोलिया.
वहां प्रेम की तलवारों के बीच  कई लडकिया घायल थी.
उन्ही में प्रियंका , ऐश्वर्या और तेरी गर्लफ्रेंड पायल  थी.

अपने समय में आशिकों का वही एक ठिकाना था.
वहा जाना तो कन्याओ  के प्रेम में मर जाना था.
उनमे से तो कुछ हमें सपनो में घेरा करती थी .
ना जाने किस बात की खातिर हम पर वो यूँ मरती थी .

जब स्वप्न  ख़त्म हुआ तो  सत्य सामने आया है.
दीप्ती को मेसेज करने के लिए मेसेज पैक डलवाया है.
फ़ोन किया ये सोचकर की लव यु  की गोलियां चलाएंगे
पता किसे था उस और से अंकल की गालियाँ खायेंगे.

चली चांदनी कॉलेज तो हमको भी पीछे जाना था.
नोट्स कॉपी करना तो हमारा एक बहाना था.
सोचा था दो सीटियाँ मारकर उसे इम्प्रेस कर पायेंगे.
पता किसे था भरी  कॉलेज में थप्पड़ उसकी खायेंगे.

उसी रात जब सपनो की दुनिया में हम खोये थे.
वही हमने नेहा के साथ प्रेम के  बीज बोये थे.
वह  पटाखा होंडा  की एक्टिवा गजब चलती थी.
चलते हुए हर लड़के को घायल कर जाती थी.

लगे सोचने मन ही मन आखिर उसको पाना  है.
पटाने की खातिर अच्छी सी बाईक  एक लाना है.
लगी किक्क भरवाया  पेट्रोल और हम  निकल दिए .
बाईक  लेकर उस बाला की खोज में हम चल दिए.

थोडा आगे चले ही थी गाडी उसकी पड़ी मिली.
देखा तो जाना की एक लड़के के साथ वो खड़ी मिली.
सीधे गए बन्दे का कल्लर पकड़ा और पूछा तू कौन है .
निकला वो भाई  और हुई पिटाई की आज तक हम मौन है.

उस दिन से अब तक हमारे ख्वाब ख़ाली है.
लडकिया तो जैसे हमारे लिए ज़हर की प्याली  है.
बने ब्रह्मचारी इतनी पिटाई से बस यही ठिकाना है.
बालाओ से भरा हुआ हमारा यही फ़साना है.
हम पैदा हुए कुंवारे और कुंवारे  ही मरजाना है .
बालाओ से  भरा  हुआ  हमारा  ही फ़साना है .

Friday, January 21, 2011

आँखों के आंसू

कहीं आँखों में आंसू है,कहीं ख्वाबों में अँधेरा है .
कही दिल में ही है गम भरपूर,कहीं यादों  में बसेरा है .
तेरे बिन ऐ मेरे जनम मुझे है कुछ  नहीं करना .
तेरे बिन जीना भी क्या जीना और मरना भी क्या मरना .
 
कभी इस हाथ को तुने था थामा  सामने सबके .
कभी तुने भी दी थी कसमे साथ की सामने रब के .
तो फिर वो कसमें और वो वादा क्यूँ है टुटा .
सनम या तो तू है झूठा या फिर वो रब ही है झूठा .
 
की जाना वो भी दिन थे जब तेरे ख़्वाबों में मै होता था
और यहाँ  खुद भी तेरी यादों में खोता था .
और वो वक़्त भी है पीछे  तेरी यादें  भी है पीछे  .
और अब  तो आंसू रहते  है इन  पलकों  के नीचे  .

 तुझे  ना  भूल  पाया  हू  ना तुझे पाया  गया  मुझसे ,
की सनम तू क्या रूठा  जैसे  रब रूठ गया  है मुझसे  .
यहाँ हर  वक़्त लब्जों  पर  बस  तेरी ही कहानी  है .
 लेकिन अब  तक   जाना तू मेरे दिल की रानी   है .    

The wait ain't over yet.........



It has been four days and a half till now,
And there is no reply from her end.
I type a message and erase it again,
Because it would look like a trend.

With the tariff for 500 sms's a day,
  I have been sending her some everyday.
Expecting some from her end too,
But my expectations all died in dismay.

Some were usual "hey, how are you?"
Typed with right hand fingers.
But some others hinted of romance,
Of which the fear still lingers.

I jump at each vibration of the cell,
Hoping to find a message from her.
But then get disappointed after reading,
The joke or quote that I discover.

I am a guy with too many friends,
But am a bit lonely now.
And i just want an sms from her.
But just cant figure out how.

With each message i check my cell twice,
To make sure they get delivered.
And smile because I am lucky enough,
That my carrier is AIRTEL and not a bird.

And then I type and send a sms that read,
"Do u think I  am your pet  ?"
And strangely my friends; a reply comes back,
"Dear ! you wait is not over yet  @>--,-'-"