Friday, January 21, 2011

आँखों के आंसू

कहीं आँखों में आंसू है,कहीं ख्वाबों में अँधेरा है .
कही दिल में ही है गम भरपूर,कहीं यादों  में बसेरा है .
तेरे बिन ऐ मेरे जनम मुझे है कुछ  नहीं करना .
तेरे बिन जीना भी क्या जीना और मरना भी क्या मरना .
 
कभी इस हाथ को तुने था थामा  सामने सबके .
कभी तुने भी दी थी कसमे साथ की सामने रब के .
तो फिर वो कसमें और वो वादा क्यूँ है टुटा .
सनम या तो तू है झूठा या फिर वो रब ही है झूठा .
 
की जाना वो भी दिन थे जब तेरे ख़्वाबों में मै होता था
और यहाँ  खुद भी तेरी यादों में खोता था .
और वो वक़्त भी है पीछे  तेरी यादें  भी है पीछे  .
और अब  तो आंसू रहते  है इन  पलकों  के नीचे  .

 तुझे  ना  भूल  पाया  हू  ना तुझे पाया  गया  मुझसे ,
की सनम तू क्या रूठा  जैसे  रब रूठ गया  है मुझसे  .
यहाँ हर  वक़्त लब्जों  पर  बस  तेरी ही कहानी  है .
 लेकिन अब  तक   जाना तू मेरे दिल की रानी   है .    

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