Wednesday, December 15, 2010

फिर मिले है फिर मिलेंगे(frm mr "ocean")

 कितनी दूर आ चुके है हम बिछड़ने के बाद ,
सोचा भी नहीं था की रास्ते  फिर मिलेंगे . 
अचानक तुम्हे पाया और भरोसा हो गया ,
हम फिर मिले है और दोबारा फिर मिलेंगे . 


 लाखो कोशिशें हुई थी हमे तोड़ने की,
हम दूर हुए थे लगा था टूट भी गए यहे.
पर रब के रस्ते पर तो सब ही चलेंगे,
हम फिर मिले है दोबारा फिर मिलते रहेंगे .

ज़िन्दगी भी तुमसे दूर भाग ही चुकी थी ,
और तुम बने थे एक हसीन सपना मेरे अश्कों के लिए.
कोने में एक हसीन ख्वाब था की तुम्हे पायेंगे ज़रूर,
अचानक से पाया है तुम्हे और पाते   रहेंगे .

हवाओं ने कहा था बहुत कुछ तब और ,
तुमने भी उनसे कुछ सुन लिया था.
हमने तब तुम्हे समझाया था और समझाते रहेंगे .
पर हवाओं को अब तुम तक आने से पहले मिटाते रहेंगे.

की तेरे मेरे बीच में क्या था और क्या है,
वो तो अब तक में न जान सका ,
लेकिन तेरे साथ तब भी हँसे थे अब भी हसेंगे,
और  तुझे देख हम मुस्कुराते रहेंगे.  

 कितनी दूर आ चुके है हम बिछड़ने के बाद ,
सोचा भी नहीं था की रास्ते  फिर मिलेंगे . 
अचानक तुम्हे पाया और भरोसा हो गया ,
हम फिर मिले है और दोबारा फिर मिलेंगे . 



Monday, December 13, 2010

वो पल खो गया है.

हर पल जब वो रहती थी नजदीक मेरे ,
वो दिन अब कल हो गया है . 
वो लम्हे जब हाथ में कोई हाथ था मेरे,
वो प्यारा पल कही खो गया है .
तन्हाइयां जब डरती थी हमें  ,
और जुदाई के सपने डरावने थे .
आज तन्हाईयों   से मुहब्बत हुई है ,
और अकेलापन हमसफ़र हो गया है.
वो दिन जब कोई हमदम था साथ में ,
वो लम्हा अब कल हो गया है.
उठती है टीस आज भी मन में,
की क्यों नजदीकियां दूरिया बनी है,
क्यों वो वहा और हम यहाँ है .
क्यों रब के और मेरे बीच ठनी है.
अब दिल रोता है बड़ा  दर्द होता है,
उजाला भी मेरे लिए अँधेरा हो गया है.
जब उनकी  यादों की जगह वो साथ  होते थे ,
वो सुनहरा पल कही खो गया  है.
और वो दिन अब कल हो गया है.....




Saturday, December 11, 2010

धड़कन होकर भी दिल धड़कता है , ये तो कोई बात नहीं होती

सनम तेरी यादों में रोये बिना मेरी रात नहीं होती

तेरी यादों में मेरे आंसुओं ने खेल गज़ब किया

वर्ना हमारे यहाँ बिन बदल बरसात नहीं होती ।

कि जब दिल दिया तुझे तो ये ना सोचा था कि ये दिन भी आएगा

जब ये मन तुझसे प्यार करने के लिए पच्च्तायेगा

मै भी था पागल कि तुझे जाने  दिया मैंने ।

वर्ना आज  तेरे  आँगन  में  किसी  और  की बारात  नहीं होती

मेरे अश्को  मै तो दर्द  का सागर ही  आता  है

तेरी याद  के गानें  मेरा  दिल  ये गाता  है

तेरे  नाम  के  आंसू  तो  हर  सुबह  बहते  है  क्योकि . 

तेरे बिन  तो मेरे  दिन की शुरुआत  नहीं होती........


Thursday, December 2, 2010

Why Again!!!


Why it happened with me again.
When i expected it the least, oh god!
Were not the earlier sufferings ;
Nor the pains i endured enough for a lifetime.
My love was dead you knew and even then,
You sent her image inside my heart.
Now i am left with nothing but,
Tears that i cant share with anyone else.
Why it happened with me again.
When i expected it the least , oh god!