Saturday, December 11, 2010

धड़कन होकर भी दिल धड़कता है , ये तो कोई बात नहीं होती

सनम तेरी यादों में रोये बिना मेरी रात नहीं होती

तेरी यादों में मेरे आंसुओं ने खेल गज़ब किया

वर्ना हमारे यहाँ बिन बदल बरसात नहीं होती ।

कि जब दिल दिया तुझे तो ये ना सोचा था कि ये दिन भी आएगा

जब ये मन तुझसे प्यार करने के लिए पच्च्तायेगा

मै भी था पागल कि तुझे जाने  दिया मैंने ।

वर्ना आज  तेरे  आँगन  में  किसी  और  की बारात  नहीं होती

मेरे अश्को  मै तो दर्द  का सागर ही  आता  है

तेरी याद  के गानें  मेरा  दिल  ये गाता  है

तेरे  नाम  के  आंसू  तो  हर  सुबह  बहते  है  क्योकि . 

तेरे बिन  तो मेरे  दिन की शुरुआत  नहीं होती........


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