धड़कन न होकर भी दिल धड़कता है , ये तो कोई बात नहीं होती ।
ऐ सनम तेरी यादों में रोये बिना मेरी रात नहीं होती ।
तेरी यादों में मेरे आंसुओं ने खेल गज़ब किया ।
वर्ना हमारे यहाँ बिन बदल बरसात नहीं होती ।
कि जब दिल दिया तुझे तो ये ना सोचा था कि ये दिन भी आएगा ।
जब ये मन तुझसे प्यार करने के लिए पच्च्तायेगा ।
मै भी था पागल कि तुझे जाने दिया मैंने ।
वर्ना आज तेरे आँगन में किसी और की बारात नहीं होती ।
मेरे अश्को मै तो दर्द का सागर ही आता है।
तेरी याद के गानें मेरा दिल ये गाता है।
तेरे नाम के आंसू तो हर सुबह बहते है क्योकि .
तेरे बिन तो मेरे दिन की शुरुआत नहीं होती........

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